एक राष्ट्रभक्त, समाजसेवी और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के अग्रदूत
मेरे जीवन, संघर्ष और उपलब्धियों की कहानी
श्री राजेश कुमार पांडेय का जन्म 05 जुलाई 1976 को माँ गंगा के पावन पूर्वी तट पर स्थित ग्राम एवं पोस्ट – नारायणपुर, तहसील – चुनार, जिला – मीरजापुर (उत्तर प्रदेश) में हुआ।
आपका जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। आपके पिता श्री प्रभुनाथ पांडेय भारतीय रेल सेवा से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे, जबकि माता श्रीमती चंद्रावती देवी एक धार्मिक व गृहिणी स्वभाव की महिला थीं।
विद्यार्थी जीवन से ही आपके भीतर राष्ट्रप्रेम और संस्कृति के प्रति समर्पण की भावना थी। आप माँ गंगा के तट पर घंटों बैठकर चिंतन किया करते थे।
1988–1989 के कालखंड में जब श्री राम जन्मभूमि आंदोलन प्रारंभ हुआ, उसी ने आपके जीवन की दिशा बदल दी। आपने शिला पूजन, राम ज्योति यात्रा, और एकात्मता यात्रा जैसे अभियानों में सक्रिय भागीदारी की।
आप दो बार कारसेवक के रूप में अयोध्या गए। जब निहत्थे रामभक्तों पर गोली चलाई गई, उस समय आप अयोध्या में ही उपस्थित थे — इस घटना ने आपके अंतर्मन को झकझोर दिया।
1992 से आपने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की। आपने क्रमशः घटनायक, मुख्य शिक्षक, शाखा कार्यवाह, और मंडल कार्यवाह के दायित्व निभाए।
आपने विभिन्न क्षेत्रों में तहसील प्रचारक और जिला प्रचारक के रूप में कार्य किया, जिसमें दुद्धी, गोरवाल, मेजा, हाटा, कुशीनगर, गोरखपुर और देवरिया शामिल हैं。
श्री राजेश कुमार पांडेय ने अपने जीवन को पूर्ण रूप से राष्ट्र निर्माण, समाज सेवा और सांस्कृतिक जागरण के लिए समर्पित कर दिया है।
आप गो संरक्षण, मतांतरण विरोध, घुमन्तु समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष, और ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत हैं।
"एक आत्मनिर्भर, सांस्कृतिक रूप से जागृत और आध्यात्मिक रूप से सशक्त भारत — जहाँ हर नागरिक गर्व, सम्मान और राष्ट्रभक्ति के साथ जीवन जीए।"
मेरी शैक्षणिक योग्यता और उपलब्धियाँ
गाँव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में हुई। हाई स्कूल की पढ़ाई के लिए आप प्रतिदिन निकटवर्ती शहर जाते थे।
कन्हैया लाल बसंत लाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मीरजापुर से स्नातक की उपाधि प्राप्त की।
समाजशास्त्र विषय से बिनानी महाविद्यालय, मीरजापुर से परास्नातक की उपाधि प्राप्त की।
शिक्षा विशारद, हिन्दी विषय में प्रयागराज विश्वविद्यालय से बी.एड. की उपाधि प्राप्त की।
मेरे जीवन की महत्वपूर्ण घटनाक्रम और उपलब्धियाँ
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ पहली नियुक्ति के रूप में दुद्धी क्षेत्र में कार्य किया।
गोरवाल क्षेत्र में संघ कार्य का विस्तार किया और समाज सेवा के नए आयाम स्थापित किए।
मेजा क्षेत्र में युवाओं को राष्ट्रभक्ति और संस्कृति का प्रशिक्षण दिया।
हाटा क्षेत्र में सामाजिक जागरण और शिक्षा अभियान चलाया।
गोरखपुर जिले में जिला प्रचारक के रूप में संघ कार्य की जिम्मेदारी संभाली।
प्रांत संगठन मंत्री, गोरक्ष प्रांत के रूप में हिन्दू जागरण मंच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में घुमन्तु समाज के उत्थान और अधिकारों के लिए कार्यरत हैं।
मेरे द्वारा किए जा रहे प्रमुख कार्य और सेवाएँ
गौ संरक्षण और गौ संवर्धन के लिए समर्पित कार्य। गौशालाओं का संचालन और गौ संवर्धन के लिए जनजागरण अभियान।
मिशनरी मतांतरण के विरोध में जनजागरण और सामाजिक एकता को मजबूत करने का कार्य।
घुमन्तु एवं जनजातीय समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष और उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए कार्य।
ग्रामीण शिक्षा और सामाजिक उत्थान के लिए अभियान। विद्यालयों का संचालन और छात्रवृत्ति का वितरण।
वंचित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए कार्य। आपदा राहत और समाज कल्याण के कार्यक्रम।
सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए कार्य। धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन।
मेरे जीवन और कार्यों की झलक
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